आगरा : ऐसा शिवालय जहां 11 अखंड रजत ज्योतियां प्रज्वलित हैं
ताजमहल के लिए प्रसिद्ध उत्तरप्रदेश की आगरा नगरी आस्था और अध्यात्म की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। आगरा के रावतपारा क्षेत्र में, आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप स्थित श्री मनकामेश्वर मंदिर को आगरा के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, सुंदर नक्काशी और पौराणिक कथाओं को दर्शाती कलाकृतियों के लिए जाना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग को नगर के प्राचीनतम शिवलिंगों में से एक माना जाता है।
11 अखंड रजत ज्योतियां हैं प्रज्वलित
श्री महंत योगेश पुरी ने बताया कि श्री मनकामेश्वर मंदिर पूरे देश में एकमात्र ऐसा शिवालय है, जहां 11 रुद्र अखंड ज्योतियां चांदी के स्वरूप में निरंतर प्रज्वलित रहती हैं। ये 11 ज्योतियां द्वादश ज्योतिर्लिंगों का प्रतीक हैं, जबकि 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में स्वयं बाबा मनकामेश्वर विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा 27 पीढ़ियों से गुरु परंपरा और तपस्या का परिणाम है।
जानकारी के मुताबिक ये अखंड ज्योतियां सैकड़ों वर्षों से बिना रुके जल रही हैं। कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी बाबा की ज्योति अखंड प्रज्जवलित रही। मान्यता है कि शारीरिक, मानसिक या आर्थिक संकट से ग्रस्त भक्त यदि यहां दीप प्रज्वलन का संकल्प लेते हैं, तो बाबा मनकामेश्वर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
योजनाएं और विकास कार्य
श्री मनकामेश्वर मंदिर न केवल शिव जी के भक्तों के लिए एक पवित्र स्थल है, बल्कि यह शहर की धार्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। माघ मास की पूर्णिमा (1 फरवरी 2026) के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में एक विशेष और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसने इसे एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में दीपदान किया और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। वर्ष 2025 में बाबा को 100 किलोग्राम चांदी से निर्मित भव्य द्वार समर्पित किया गया था और आनेवाले वर्ष 2028 में मुख्य शिवलिंग के लिए 200 किलोग्राम चांदी का नया आवरण तैयार कराने की योजना है, जिससे मंदिर की भव्यता और अधिक बढ़ेगी।
दर्शन समय और व्यवस्था
श्री मनकामेश्वर मंदिर में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। मंदिर प्रतिदिन सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को मंदिर के कपाट रात 11 बजे तक खुले रहते हैं। श्री मनकामेश्वर मंदिर न केवल आगरा बल्कि पूरे देश के शिव भक्तों के लिए आस्था, विश्वास और चमत्कार का केंद्र है। माघ पूर्णिमा पर हुआ यह आयोजन मंदिर की गौरवशाली परंपरा और अखंड श्रद्धा को दर्शाता है।
आगरा : ऐसा शिवालय जहां 11 अखंड रजत ज्योतियां प्रज्वलित हैं
ताजमहल के लिए प्रसिद्ध उत्तरप्रदेश की आगरा नगरी आस्था और अध्यात्म की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। आगरा के रावतपारा क्षेत्र में, आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के समीप स्थित श्री मनकामेश्वर मंदिर को आगरा के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, सुंदर नक्काशी और पौराणिक कथाओं को दर्शाती कलाकृतियों के लिए जाना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग को नगर के प्राचीनतम शिवलिंगों में से एक माना जाता है।
11 अखंड रजत ज्योतियां हैं प्रज्वलित
श्री महंत योगेश पुरी ने बताया कि श्री मनकामेश्वर मंदिर पूरे देश में एकमात्र ऐसा शिवालय है, जहां 11 रुद्र अखंड ज्योतियां चांदी के स्वरूप में निरंतर प्रज्वलित रहती हैं। ये 11 ज्योतियां द्वादश ज्योतिर्लिंगों का प्रतीक हैं, जबकि 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में स्वयं बाबा मनकामेश्वर विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा 27 पीढ़ियों से गुरु परंपरा और तपस्या का परिणाम है।
जानकारी के मुताबिक ये अखंड ज्योतियां सैकड़ों वर्षों से बिना रुके जल रही हैं। कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी बाबा की ज्योति अखंड प्रज्जवलित रही। मान्यता है कि शारीरिक, मानसिक या आर्थिक संकट से ग्रस्त भक्त यदि यहां दीप प्रज्वलन का संकल्प लेते हैं, तो बाबा मनकामेश्वर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
योजनाएं और विकास कार्य
श्री मनकामेश्वर मंदिर न केवल शिव जी के भक्तों के लिए एक पवित्र स्थल है, बल्कि यह शहर की धार्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। माघ मास की पूर्णिमा (1 फरवरी 2026) के पावन अवसर पर इस ऐतिहासिक मंदिर में एक विशेष और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसने इसे एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में दीपदान किया और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। वर्ष 2025 में बाबा को 100 किलोग्राम चांदी से निर्मित भव्य द्वार समर्पित किया गया था और आनेवाले वर्ष 2028 में मुख्य शिवलिंग के लिए 200 किलोग्राम चांदी का नया आवरण तैयार कराने की योजना है, जिससे मंदिर की भव्यता और अधिक बढ़ेगी।
दर्शन समय और व्यवस्था
श्री मनकामेश्वर मंदिर में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। मंदिर प्रतिदिन सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को मंदिर के कपाट रात 11 बजे तक खुले रहते हैं। श्री मनकामेश्वर मंदिर न केवल आगरा बल्कि पूरे देश के शिव भक्तों के लिए आस्था, विश्वास और चमत्कार का केंद्र है। माघ पूर्णिमा पर हुआ यह आयोजन मंदिर की गौरवशाली परंपरा और अखंड श्रद्धा को दर्शाता है।