पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बुध, चंद्र देव और देवगुरु बृहस्पति की पत्नी तारा के पुत्र हैं। नवग्रहों में बुध देव को बुद्धि, ज्ञान, वाणी, तर्क, शिक्षा, व्यापार और संचार का कारक माना जाता हैं। जिनकी कुंडली में बुध मजबूत होते हैं वे तेज बुद्धि, प्रभावशाली वाणी और निर्णय लेने की अच्छी क्षमता रखते हैं।
बुध देव मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। उनका स्वरूप हरे रंग की आभा से युक्त है। वे हरे वस्त्र धारण करते हैं और उनका वाहन सिंह माना जाता है। बुध देव का रत्न पन्ना यानी Emerald है, जो बुद्धि, एकाग्रता, स्मरण शक्ति और प्रभावशाली वाणी का प्रतीक है।
वैसे बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है, क्योंकि वे स्वयं बुद्धि और विवेक के प्रतीक तथा विघ्नहर्ता माने जाते हैं। मान्यता है कि बुधवार को बुध देव और भगवान गणेश की आराधना करने से बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, वाणी और कार्यों में सफलता मिलती है। इस दिन हरे वस्त्र धारण करना और किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को हरी मूंग का दान करना भी शुभ माना गया है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बुध, चंद्र देव और देवगुरु बृहस्पति की पत्नी तारा के पुत्र हैं। नवग्रहों में बुध देव को बुद्धि, ज्ञान, वाणी, तर्क, शिक्षा, व्यापार और संचार का कारक माना जाता हैं। जिनकी कुंडली में बुध मजबूत होते हैं वे तेज बुद्धि, प्रभावशाली वाणी और निर्णय लेने की अच्छी क्षमता रखते हैं।
बुध देव मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। उनका स्वरूप हरे रंग की आभा से युक्त है। वे हरे वस्त्र धारण करते हैं और उनका वाहन सिंह माना जाता है। बुध देव का रत्न पन्ना यानी Emerald है, जो बुद्धि, एकाग्रता, स्मरण शक्ति और प्रभावशाली वाणी का प्रतीक है।
वैसे बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है, क्योंकि वे स्वयं बुद्धि और विवेक के प्रतीक तथा विघ्नहर्ता माने जाते हैं। मान्यता है कि बुधवार को बुध देव और भगवान गणेश की आराधना करने से बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, वाणी और कार्यों में सफलता मिलती है। इस दिन हरे वस्त्र धारण करना और किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को हरी मूंग का दान करना भी शुभ माना गया है।