शुक्रवार का माँ लक्ष्मी और शुक्र देव से क्या है संबंध?
नवग्रहों में शुक्र देव को धन, ऐश्वर्य, सुख, प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, विलासिता और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को अपार सुख, धन, सौंदर्य और ऐश्वर्य मिलता है।
शुक्र देव वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। उनका स्वरूप श्वेत आभा से युक्त है। वे श्वेत वस्त्र धारण करते हैं और इनका वाहन श्वेत अश्व यानि सफेद घोड़ा है। शुक्र ग्रह का रत्न हीरा यानी Diamond है, जो वैभव, आकर्षण, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है।
शुक्रवार का दिन शुक्र देव को समर्पित है। शुक्रदेव और माता लक्ष्मी महर्षि भृगु और देवी ख्याति की संतान हैं। इसलिए इनका संबंध भाई-बहन का है। देवी लक्ष्मी धन और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी हैं तो शुक्र सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन में मधुरता और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद देते हैं। दोनों की कृपा यदि जातक पर होती है तो व्यक्ति उन्नति और प्रगति तो करता ही है राजयोग भी भोगता है। शुक्रदेव और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर को साफ-सुथरा रखें। स्नान कर स्वच्छ सफेद रंग के कपड़े पुरुष और लाल रंग के कपड़े महिला धारण कर कालगट्टे की माला से और गुलाब, कमल, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन करें और जरूरतमंद को चावल, दूध, दही, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।
शुक्रवार का माँ लक्ष्मी और शुक्र देव से क्या है संबंध?
नवग्रहों में शुक्र देव को धन, ऐश्वर्य, सुख, प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, विलासिता और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को अपार सुख, धन, सौंदर्य और ऐश्वर्य मिलता है।
शुक्र देव वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। उनका स्वरूप श्वेत आभा से युक्त है। वे श्वेत वस्त्र धारण करते हैं और इनका वाहन श्वेत अश्व यानि सफेद घोड़ा है। शुक्र ग्रह का रत्न हीरा यानी Diamond है, जो वैभव, आकर्षण, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है।
शुक्रवार का दिन शुक्र देव को समर्पित है। शुक्रदेव और माता लक्ष्मी महर्षि भृगु और देवी ख्याति की संतान हैं। इसलिए इनका संबंध भाई-बहन का है। देवी लक्ष्मी धन और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी हैं तो शुक्र सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन में मधुरता और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद देते हैं। दोनों की कृपा यदि जातक पर होती है तो व्यक्ति उन्नति और प्रगति तो करता ही है राजयोग भी भोगता है। शुक्रदेव और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर को साफ-सुथरा रखें। स्नान कर स्वच्छ सफेद रंग के कपड़े पुरुष और लाल रंग के कपड़े महिला धारण कर कालगट्टे की माला से और गुलाब, कमल, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन करें और जरूरतमंद को चावल, दूध, दही, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।