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यहां स्थापित है भगवान गणेश की अद्भुत प्रतिमा, जानें इसका रहस्य

900 साल पुराना है गोबर गणेश मंदिर, दर्शन मात्र से ही पूरी हो जाती है हर मनोकामना बुधवार का दिन भगवान गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित है। कहते हैं कि इस दिन भगवान गणेश के मंदिर में जाकर इनकी आराधना करने से व्यक्ति के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। देश में भगवान गणेश के कई मंदिरों के बारे में आपने सुना होगा। लेकिन देश में इनके कुछ ऐसे चमत्कारी मंदिर स्थापित हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां भगवान गणेश की गोबर की मूर्ति विराजमान है। -900 साल पुराना है मंदिर मध्य प्रदेश के महेश्वर नामक स्थान पर भगवान गणेश का क़रीब 900 साल पुराना मंदिर है। यह मंदिर दक्षिणमुखी है। इस मंदिर की ख़ास बात यह है कि यहां पर विराजमान भगवान गणेश की मूर्ति गोबर की है। इस मंदिर में गोबर की मूर्ति होने के कारण यह मंदिर 'गोबर गणेश मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध है। कहते हैं यहां नारियल चढ़ाकर बप्पा से मनचाहा वरदान पाया जा सकता है। यहां स्थापित प्रतिमा में बप्पा का मनमोहक रूप, अपने भक्तों के हर दुख दर्द का इलाज करता है। गणपति जी का यह रुप मन को मोह लेता है, क्योंकि यहां उन्हें गोबर गणेश के नाम से पुकारा जाता है। बता दें कि महेश्वर में महावीर मार्ग पर बनी गणपति जी की यह प्रतिमा गोबर और मिट्टी से बनी है। -उल्टा स्वास्तिक बनाकर लगाते हैं भक्त मान्यता है कि यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है, वह उल्टा स्वास्तिक बनाकर लगाता है और जब मनोकामना पूरी हो जाती है तो स्वास्तिक को सीधा कर देते हैं। ग़ौरतलब है कि अधिकतर गणेश जी के मंदिरों में उल्टा स्वस्तिक बनाने का विधान है। माना जाता है कि ऐसा करने से मनोकामना पूर्ण हो जाती है। मंदिर में भगवान अपनी दोनों पत्नियों, रिद्धि-सिद्धि संग अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां आने से भगवान गणपति सभी भक्तों की इच्छा पूरी करते हैं। यही वजह है कि यहां भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाकर भगवान गणेश से अपनी मन्नत मांगते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद यहां आकर सीधा स्वास्तिक बनाना नहीं भूलते हैं। -मंदिर का आकार भक्तों को करता है हैरान यहां आने वाले भक्तों को मंदिर का आकार हैरान कर देता है। एक तरफ़ मंदिर का बाहरी आकार किसी मस्जिद के गुंबद की तरह है, तो वहीं मंदिर के अंदर की बनावट लक्ष्मी यंत्र की तरह लगती है। बताया जाता है कि औरंगज़ेब के शासन काल में इस मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने का प्रयास किया गया था, जिसके कारण मंदिर के गुंबद का आकार मस्जिद जैसा है। -रिद्धि-सिद्धि संग दर्शन देते हैं गजानन मंदिर में भगवान गणेश अपनी दोनों पत्नियों, रिद्धि-सिद्धि संग दर्शन देते हैं और अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। यहां आने वाले भक्तों का भी मानना है कि यहां आने मात्र से ही गणपति जी सभी की इच्छा पूरी कर देते हैं। यही वजह है कि महेश्वर के महावीर मार्ग पर स्थित गोबर गणेश मंदिर में दर्शन के लिए साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है।

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