Sanskar

मंदिरों के फूल अब नहीं होंगे बेकार, बनाए जाएंगे कई उत्पाद

मंदिरों में रोज़ाना ढेरों फूल और अन्य सामग्री चढ़ाए जाते हैं और अगले दिन यह खराब हो जाते हैं ऐसे में मंदिर के पुजारी या सेवकों द्वारा इन फूलों को बाहर फेंक दिया जाता है। इसी क्रम में नोएडा अथॉरिटी के द्वारा एक पहल की गई है इन फूलों का दूसरे कार्यों में उपयोग करने का। अब इन सबका इस्तेमाल कर अगरबत्ती व खाद बनाई जाएगी। नोएडा अथॉरिटी ने मंदिरों की सूची तैयार की जहां से फूलों को इकट्ठा किया जाएगा इससे ना सिर्फ़ फूलों का उपयोग दोबारा हो जाएगा बल्कि कूड़ेदान में फेंके जाने से आस्था को ठेस पहुंचने से रोका जा सकता है। फूलों के उठाव के लिए अथॉरिटी ने गाड़ियों को हरी झंडी दिखा दी है। इन गाड़ियों को फ़्लोविर वेस्ट वाहन कहा जाएगा।  मंदिर से निकलने वाले फूल और बाक़ी सामग्री को कैसे हटाया जाए यह हमेशा से एक बड़ी समस्या बनी हुई थी क्योंकि इन सामग्री को सामान्य कूड़े की गाड़ी में नहीं डाला जा सकता है। इसी परेशानी का निवारण करने हेतु नोएडा अथॉरिटी ने यह क़दम उठाया है। यह गाड़ियाँ सिर्फ़ 34 मंदिरों से ही फूल या दूसरी सामग्री उठाएगी। मंदिर की लिस्ट अथॉरिटी द्वारा तैयार की ली गई है। जो 34 मंदिर है उनका नाम श्री लाल मंदिर, शिव मंदिर। दुर्गा श्री हनुमान मंदिर, श्री साईं बाबा मंदिर, शिव शक्ति मंदिर सेक्टर-15, सीता राम मंदिर, ओम शिव मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर, श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, श्री राम मंदिर, प्राचीन शनि धाम मंदिर, प्राचीन शिव काली मंदिर, प्राचीन शक्ति मंदिर, भूमिया माता मंदिर, शिव मंदिर छलेरा, श्री प्राचीन शनि मंदिर, माता रानी मंदिर, प्राचीन मां मंदिर, महा शक्ति धाम मंदिर, शिव शक्ति दुर्गा मंदिर, मां भगवती दुर्गा मंदिर, संस्कृति सेवा समिति मंदिर आदि से फूल-फल और पत्ते समेत सभी प्रकार की सामग्री उठाई जाएगी।  

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