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कितनी महत्वपूर्ण है शिव परिवार की आराधना ?

यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड शिव के अंदर समाया हुआ है। जब कुछ नहीं था तब भी शिव थे और जब कुछ न होगा तब भी शिव ही होंगे। शिव ही एकमात्र ऐसे देवता भी हैं जिनका सम्पूर्ण परिवार है । कौन-कौन है शिव के परिवार में, क्या है शिव परिवार का संदेश और कितनी महत्वपूर्ण है शिव परिवार की आराधना ? ऐसी कई जानकारियां हैं जिनके बारे में आपको जानना जरूरी है, इस आलेख में हम इसी के बारे में जानेंगे।

सभी देवों में महादेव का ही है पूरा परिवार

शिव परिवार की छवि अत्यंत मोहक, कल्याणकारी और फलदायी है। सदियों से शिव परिवार भारतीय संस्कृति और परिवार प्रथा का प्रेरणा स्रोत रहा है क्योंकि इस परिवार के सभी सदस्य देवताओं की तरह पूजे जाते हैं। प्राचीन वेदों के अनुसार भगवान शिव संपूर्ण ब्रह्मांड के पिता हैं जबकि उनकी पत्नी देवी पार्वती ब्रह्मांड की जननी हैं। इसलिए उन्हें सार्वभौमिक माता-पिता माना जाता है। सभी देवी-देवताओं में सिर्फ शिव जी ही ऐसे हैं, जिनका भरा-पूरा परिवार है। ऐसा हम चित्रों में भी देखते हैं। शिव परिवार में शंकर जी, पार्वती माता, गणेश जी और कार्तिकेय स्वामी तो हैं ही, इनके वाहन अर्थात नंदी, सिंह, मूषक और मोर के साथ ही नाग भी शामिल है, जिसे शिव जी धारण करते हैं। 

अलग-अलग शक्तियों के स्वामी हैं शिव परिवार के सदस्य

शिव परिवार का प्रत्येक सदस्य अलग-अलग शक्तियों और विधियों के स्वामी है। भोले शंकर कल्याणकारी हैं, गौरी माता सौभाग्य की देवी हैं, कार्तिकेय साहस के देवता हैं और गणेश बुद्धि के देवता । आखिर, यही सब तो चाहिए होता है एक मनुष्य को अपनी जीवनयात्रा में। शिव परिवार के मुखिया स्वयं महादेव नहीं हैं, बल्कि देवी पार्वती हैं। गृहस्वामिनी पार्वती पूरी कुशलता से परिवार में सामंजस्य बिठाती हैं । वह अन्नपूर्णा हैं जिनकी महिमा से परिवारजनों और उनके वाहनों के लिए भोजन की कमी कभी नहीं होती। गौरी माता दाम्पत्य सुख की भी अधिष्ठात्री देवी हैं । उनकी पूजा-अर्चना और व्रत करके प्रसाद स्वरुप उनके नाम का सिंदूर मांग में धारण कर सुहागिनें अखंड सौभाग्य का वर प्राप्त करती हैं। भगवान् शिव की एक पुत्री भी हैं जिनका नाम अशोक सुंदरी है, जिनको आपने शिव परिवार के चित्र में नहीं देखा होगा क्योंकि विवाह के बाद बेटियां अपने ससुराल की हो जाती हैं । अशोक सुंदरी का विवाह पराक्रमी राजा नहुष से हुआ था ।

शिव परिवार की पूजा-अर्चना का महत्त्व

शास्त्रों में शिव परिवार की पूजा-अर्चना का विशेष फल बताया गया है। इससे भक्त को सुख, संपत्ति और सौभाग्य मिलता है । न सिर्फ मनोकामनाएं पूरी होती हैं बल्कि जीवन से जुड़े सभी दु:ख, दोष, शत्रु और बाधाएं दूर होती हैं । आप भी अपने घर में शिव परिवार का चित्र अवश्य लगाएं और यदि पूरा परिवार मिलकर एक साथ शिव परिवार की पूजा करें तो उनके बीच प्रेम और सहयोग बढ़ता है। 

शिव-पार्वती के परिवार की महिमा है ही ऐसी । इनकी आराधना करने से सबका कल्याण और सबका उद्धार संभव है । यही वजह है कि भारत के घर-घर में शिव परिवार की महिमा सुनी जाती है...काव्य और कथाएं प्रचलित हैं.... स्तुतियां और पौराणिक गाथाएं गाई जाती हैं ।

अक्षरा आर्या